उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप योजना 2025: IKS Registration कैसे करें और फायदे क्या हैं?
आज के समय में नौकरी और स्किल डेवलपमेंट युवाओं की सबसे बड़ी ज़रूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं के लिए एक बेहतरीन पहल की है – मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप योजना (CM Apprenticeship Promotion Scheme)। इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्नातक छात्रों और डिप्लोमा धारकों को वर्क एक्सपीरियंस + आर्थिक सहायता देना है।
इस आर्टिकल में हम विस्तार से समझेंगे:
- मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप योजना क्या है?
- IKS Registration कैसे करें?
- कौन इस योजना के लिए पात्र है?
- योजना के फायदे क्या हैं?
- और आवेदन की पूरी प्रक्रिया।
मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप योजना क्या है?
उत्तर प्रदेश की यह योजना स्नातक (BA, BSc, BCom) और डिप्लोमा धारक छात्रों के लिए शुरू की गई है। इसके अंतर्गत छात्रों को इंडस्ट्री या किसी प्रतिष्ठान में ट्रेनिंग (Apprenticeship) कराई जाती है।
इसके बदले सरकार उन्हें ₹9,000 मासिक मानदेय प्रदान करती है:
- ₹4,500 – केंद्र सरकार द्वारा
- ₹3,500 – इंडस्ट्री/प्रतिष्ठान द्वारा
- ₹1,000 – उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा
यानी पढ़ाई पूरी करने के बाद भी युवाओं को तुरंत काम का अनुभव मिलेगा और साथ ही आर्थिक मदद भी।
मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप योजना की मुख्य विशेषताएँ
- ₹9,000 मासिक मानदेय स्नातक छात्रों के लिए।
- वर्क एक्सपीरियंस – छात्रों को सीधे इंडस्ट्री/कंपनी में काम करने का मौका।
- स्किल डेवलपमेंट – पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल अनुभव।
- रोज़गार अवसर – ट्रेनिंग के बाद स्थायी नौकरी मिलने की संभावना।
- बजट – उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना पर ₹100 करोड़ का बजट रखा है।
- लक्ष्य – लगभग 80,000 छात्रों को लाभान्वित करना।
मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप योजना पात्रता (Eligibility)
- आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- छात्र ने स्नातक (BA, BSc, BCom) / डिप्लोमा / तकनीकी डिग्री प्राप्त की हो।
- आयु: न्यूनतम 18 वर्ष।
- बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए।
- कोई अन्य सरकारी स्कॉलरशिप या स्टाइपेंड न ले रहा हो।
IKS Registration कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस)
👉 स्टेप 1: आधिकारिक पोर्टल CMAPS Portal
👉 स्टेप 2: “स्थापना पंजीकरण (Establishment Registration)” पर क्लिक करें।
👉 स्टेप 3: NAPS ID, नाम, जिला, ईमेल और मोबाइल नंबर भरें।
👉 स्टेप 4: छात्र की जानकारी भरें – नाम, आधार कार्ड नंबर, जन्म तिथि, अनुबंध संख्या, प्रशिक्षण अवधि, बैंक विवरण आदि।
👉 स्टेप 5: आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें –
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- शैक्षिक योग्यता प्रमाणपत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
👉 स्टेप 6: सबमिट करने के बाद आवेदन की पुष्टि करें और रसीद सुरक्षित रखें।
👉 स्टेप 7: चयन होने पर आपको संबंधित प्रतिष्ठान में अप्रेंटिसशिप शुरू करनी होगी।
मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप योजना के फायदे
|
लाभ |
विवरण |
| आर्थिक सहायता | हर माह ₹9,000 मानदेय |
| वर्क एक्सपीरियंस | इंडस्ट्री में वास्तविक काम का अनुभव |
| नौकरी के अवसर | ट्रेनिंग के बाद स्थायी नौकरी पाने का मौका |
| स्किल डेवलपमेंट | तकनीकी और प्रैक्टिकल ज्ञान |
| स्वावलंबन | पढ़ाई के बाद आत्मनिर्भर बनने में मदद |
मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप योजना आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक (आधार लिंक)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- स्नातक/डिप्लोमा की मार्कशीट
- निवास प्रमाण पत्र
मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप योजना का उद्देश्य
- युवाओं को बेरोज़गारी से राहत दिलाना।
- छात्रों को इंडस्ट्री रेडी (Industry Ready) बनाना।
- शिक्षा और रोजगार के बीच का गैप खत्म करना।
- उत्तर प्रदेश को स्किल्ड मैनपावर हब बनाना।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप योजना 2025 युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है। इससे न केवल आर्थिक मदद मिलेगी बल्कि रोजगार और स्किल डेवलपमेंट का रास्ता भी खुलेगा।
अगर आप स्नातक या डिप्लोमा धारक हैं और नौकरी की तलाश कर रहे हैं, तो इस योजना का लाभ ज़रूर उठाएँ।










