प्रधानमंत्री POSHAN अभियान
प्रधानमंत्री POSHAN अभियान भारत सरकार की एक राष्ट्रीय स्तर की योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश से कुपोषण को समाप्त करना और बच्चों, किशोरियों तथा महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार करना है। यह अभियान विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों को ध्यान में रखकर चलाया जा रहा है।
भारत में कुपोषण एक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य समस्या रही है। इसी चुनौती को दूर करने के लिए सरकार ने POSHAN अभियान को एक मिशन मोड में लागू किया है।
POSHAN अभियान क्या है?
POSHAN अभियान का पूरा नाम Prime Minister’s Overarching Scheme for Holistic Nourishment है। यह अभियान विभिन्न पोषण संबंधी योजनाओं को एक मंच पर लाकर उनके प्रभाव को बढ़ाने का प्रयास करता है।
इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में कुपोषण, कम वजन, एनीमिया और बौनापन जैसी समस्याओं को कम करना है।
POSHAN अभियान के मुख्य उद्देश्य
- बच्चों में कुपोषण की दर को कम करना
- गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं का पोषण स्तर सुधारना
- एनीमिया की समस्या को कम करना
- पोषण से जुड़ी जानकारी और जागरूकता बढ़ाना
- मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत करना
POSHAN अभियान के अंतर्गत कौन लाभान्वित होते हैं?
POSHAN अभियान के तहत निम्न वर्गों को प्राथमिकता दी जाती है:
- 0 से 6 वर्ष तक के बच्चे
- गर्भवती महिलाएं
- स्तनपान कराने वाली माताएं
- किशोरियां
- आंगनवाड़ी सेवाओं से जुड़े लाभार्थी
POSHAN अभियान के प्रमुख घटक
POSHAN अभियान को सफल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घटकों को शामिल किया गया है:
- आंगनवाड़ी सेवाओं का सुदृढ़ीकरण
- पोषण ट्रैकिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग
- स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण के बीच समन्वय
- स्थानीय स्तर पर पोषण अभियान और जनभागीदारी
- व्यवहार परिवर्तन संचार (BCC) के माध्यम से जागरूकता
POSHAN अभियान की भूमिका आंगनवाड़ी में
आंगनवाड़ी केंद्र POSHAN अभियान की रीढ़ माने जाते हैं। यहां बच्चों को पोषण आहार, स्वास्थ्य जांच और प्रारंभिक शिक्षा दी जाती है। गर्भवती और धात्री महिलाओं को पोषण संबंधी सलाह और पूरक आहार भी प्रदान किया जाता है।
POSHAN अभियान के लाभ
- बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होता है
- महिलाओं में पोषण की कमी दूर होती है
- मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आती है
- कुपोषण से होने वाली बीमारियों पर नियंत्रण
- समाज में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ती है
POSHAN अभियान क्यों है जरूरी?
कुपोषण केवल स्वास्थ्य समस्या नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास में भी बाधा है। POSHAN अभियान के माध्यम से सरकार देश के भविष्य यानी बच्चों को स्वस्थ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री POSHAN अभियान भारत में कुपोषण को समाप्त करने की दिशा में एक मजबूत और समग्र पहल है। यह अभियान न केवल पोषण प्रदान करता है बल्कि लोगों को सही खान-पान और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी बनाता है। एक स्वस्थ समाज और सशक्त भारत के निर्माण में POSHAN अभियान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
FAQ Section – प्रधानमंत्री POSHAN अभियान
Q1. प्रधानमंत्री POSHAN अभियान क्या है?
प्रधानमंत्री POSHAN अभियान भारत सरकार की एक राष्ट्रीय योजना है, जिसका उद्देश्य बच्चों, महिलाओं और किशोरियों में कुपोषण को कम करना है।
Q2. POSHAN अभियान का पूरा नाम क्या है?
POSHAN का पूरा नाम Prime Minister’s Overarching Scheme for Holistic Nourishment है।
Q3. POSHAN अभियान से कौन-कौन लाभान्वित होते हैं?
0 से 6 वर्ष तक के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली माताएं और किशोरियां इस अभियान के प्रमुख लाभार्थी हैं।
Q4. POSHAN अभियान के अंतर्गत कौन-सी सेवाएं दी जाती हैं?
इस अभियान के तहत पोषण आहार, स्वास्थ्य जांच, पोषण परामर्श और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाते हैं।
Q5. POSHAN अभियान में आंगनवाड़ी की क्या भूमिका है?
आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं को पोषण आहार एवं स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
Q6. POSHAN अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
कुपोषण, एनीमिया, कम वजन और बौनापन जैसी समस्याओं को कम करना इसका मुख्य उद्देश्य है।










