Marriage Certificate में नाम या पता सुधार कैसे करें? 

Marriage Certificate

 

Marriage Certificate (विवाह प्रमाण पत्र) एक महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज है, जो पति-पत्नी के वैध विवाह का आधिकारिक प्रमाण होता है। यह पासपोर्ट, वीज़ा, बैंक कार्य, बीमा, संपत्ति, और सरकारी योजनाओं में आवश्यक होता है। भारत में विवाह पंजीकरण संबंधित राज्य के Marriage Registrar कार्यालय द्वारा किया जाता है और कई मामलों में यह प्रक्रिया Special Marriage Act, 1954 तथा Hindu Marriage Act, 1955 के अंतर्गत की जाती है।

इस लेख में हम जानेंगे:

  • Marriage Certificate में नाम या पता सुधार कैसे करें
  • Marriage Certificate बनवाने की समय सीमा और नियम
  • अंतरजातीय विवाह के लिए प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया

 

Marriage Certificate में नाम या पता सुधार कैसे करें?

 

यदि विवाह प्रमाण पत्र में पति या पत्नी का नाम, उपनाम, जन्मतिथि या पता गलत दर्ज हो गया है, तो उसे सही कराया जा सकता है।

सुधार की प्रक्रिया

  1. संबंधित Marriage Registrar कार्यालय में आवेदन करें
    उसी कार्यालय में जाएँ जहाँ विवाह पंजीकरण हुआ था।
  2. सुधार आवेदन फॉर्म भरें
    त्रुटि का विवरण स्पष्ट रूप से लिखें।
  3. सही दस्तावेज संलग्न करें
    • आधार कार्ड
    • पैन कार्ड
    • पासपोर्ट
    • शपथ पत्र (यदि आवश्यक हो)
  4. निर्धारित शुल्क जमा करें
    सुधार के लिए अलग शुल्क लिया जा सकता है (राज्य के अनुसार भिन्न)।
  5. सत्यापन प्रक्रिया
    अधिकारी दस्तावेजों की जांच कर सुधार दर्ज करता है।
  6. नया प्रमाण पत्र जारी
    सुधार के बाद संशोधित Marriage Certificate जारी किया जाता है।

यदि त्रुटि गंभीर हो, जैसे नाम की पूरी स्पेलिंग बदलना, तो शपथ पत्र या गजट प्रकाशन की आवश्यकता हो सकती है।

 

Marriage Certificate बनवाने की समय सीमा और नियम

 

  1. विवाह पंजीकरण की समय सीमा
  • कई राज्यों में विवाह के 30 से 90 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना उचित माना जाता है।
  • देरी होने पर लेट फीस लागू हो सकती है।
  1. आवश्यक नियम
  • विवाह वैध आयु के अनुसार होना चाहिए (पुरुष 21 वर्ष, महिला 18 वर्ष)।
  • दोनों पक्षों की सहमति आवश्यक है।
  • विवाह स्थल संबंधित क्षेत्राधिकार में होना चाहिए।
  • कम से कम दो या तीन गवाहों की उपस्थिति जरूरी होती है।
  1. आवश्यक दस्तावेज
  • विवाह के फोटो
  • विवाह निमंत्रण पत्र (यदि उपलब्ध हो)
  • पहचान और पता प्रमाण
  • जन्म प्रमाण पत्र या आयु प्रमाण
  1. ऑनलाइन पंजीकरण

कई राज्यों में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है, जहाँ पहले अपॉइंटमेंट लेकर बाद में दस्तावेज सत्यापन किया जाता है।

 

अंतरजातीय विवाह (Interstate Marriage) के लिए Marriage Certificate कैसे बनवाएं?

 

अंतरजातीय विवाह के मामलों में सामान्यतः Special Marriage Act, 1954 के तहत पंजीकरण किया जाता है।

प्रक्रिया

  1. Notice of Intended Marriage जमा करें
    दोनों पक्ष Marriage Registrar के कार्यालय में आवेदन देते हैं।
  2. 30 दिन की नोटिस अवधि
    नोटिस सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाती है ताकि किसी को आपत्ति हो तो दर्ज कर सके।
  3. आपत्ति न होने पर विवाह पंजीकरण
    30 दिन बाद विवाह संपन्न किया जाता है।
  4. गवाहों की उपस्थिति
    कम से कम तीन गवाह आवश्यक होते हैं।
  5. Marriage Certificate जारी
    सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।

आवश्यक दस्तावेज (Required Documents) 

 

  • पहचान और पता प्रमाण
  • आयु प्रमाण
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • अविवाहित होने का शपथ पत्र

महत्वपूर्ण बातें

  • अंतरजातीय विवाह पूरी तरह कानूनी है और भारतीय कानून द्वारा संरक्षित है।
  • विवाह पंजीकरण से दंपत्ति को कानूनी सुरक्षा मिलती है।
  • प्रमाण पत्र भविष्य के सभी सरकारी और कानूनी कार्यों में आवश्यक होता है।

 

निष्कर्ष

Marriage Certificate में नाम या पता सुधार संभव है, बशर्ते सही दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया का पालन किया जाए। विवाह के तुरंत बाद पंजीकरण कराना बेहतर रहता है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी समस्या न हो। अंतरजातीय विवाह के लिए विशेष विवाह अधिनियम के तहत निर्धारित प्रक्रिया अपनानी चाहिए।

FAQ Section 

Q1. Marriage Certificate में नाम की स्पेलिंग गलत हो जाए तो क्या करें?
संबंधित Marriage Registrar कार्यालय में सुधार आवेदन देकर सही दस्तावेज और शपथ पत्र जमा करें। सत्यापन के बाद संशोधित प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।

Q2. क्या Marriage Certificate में पता बदलवाया जा सकता है?
हाँ, सही पता प्रमाण (आधार, बिजली बिल आदि) जमा करके पता सुधार कराया जा सकता है।

Q3. Marriage Certificate बनवाने की समय सीमा क्या है?
अधिकांश राज्यों में विवाह के 30–90 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना उचित होता है। देरी होने पर लेट फीस लागू हो सकती है।

Q4. अंतरजातीय विवाह का पंजीकरण किस अधिनियम के तहत होता है?
अंतरजातीय विवाह सामान्यतः Special Marriage Act, 1954 के तहत पंजीकृत किया जाता है।

Q5. Marriage Certificate के लिए कितने गवाह जरूरी होते हैं?
आमतौर पर 2 से 3 गवाहों की आवश्यकता होती है, जिनके पहचान प्रमाण भी जमा करने होते हैं।

Q6. क्या Marriage Certificate ऑनलाइन बन सकता है?
हाँ, कई राज्यों में ऑनलाइन आवेदन और अपॉइंटमेंट की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन दस्तावेज सत्यापन के लिए कार्यालय में उपस्थित होना पड़ सकता है।

 

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