Divorce Certificate
Divorce Certificate (तलाक प्रमाण पत्र) एक आधिकारिक दस्तावेज है जो यह प्रमाणित करता है कि पति-पत्नी का विवाह कानूनी रूप से समाप्त हो चुका है। भारत में तलाक की प्रक्रिया संबंधित पारिवारिक न्यायालय (Family Court) के माध्यम से पूरी की जाती है और अदालत द्वारा आदेश जारी होने के बाद Divorce Decree प्राप्त होता है। कई मामलों में इसी आदेश की प्रमाणित प्रति को ही Divorce Certificate के रूप में उपयोग किया जाता है।
तलाक की प्रक्रिया आमतौर पर व्यक्तिगत कानूनों जैसे Hindu Marriage Act, 1955 या आपसी सहमति के मामलों में लागू अन्य प्रावधानों के तहत पूरी की जाती है।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे:
- Divorce Certificate कैसे प्राप्त करें
- तलाक के बाद इसे डाउनलोड कैसे करें
- Divorce Decree और Divorce Certificate में अंतर
Divorce Certificate कैसे प्राप्त करें?
1. तलाक की याचिका दाखिल करें
- पति या पत्नी (या दोनों आपसी सहमति से) संबंधित Family Court में तलाक की याचिका दाखिल करते हैं।
2. सुनवाई और प्रक्रिया
- अदालत दोनों पक्षों को सुनती है, साक्ष्य लेती है और यदि शर्तें पूरी होती हैं तो तलाक की मंजूरी देती है।
3. Divorce Decree जारी होना
- अदालत द्वारा तलाक मंजूर होने पर एक आधिकारिक आदेश जारी किया जाता है, जिसे Divorce Decree कहा जाता है।
4. प्रमाणित प्रति प्राप्त करें
- संबंधित न्यायालय के कॉपी सेक्शन में आवेदन दें
- आवश्यक शुल्क जमा करें
- पहचान प्रमाण प्रस्तुत करें
- निर्धारित समय के बाद प्रमाणित कॉपी प्राप्त करें
- यही प्रमाणित कॉपी अक्सर Divorce Certificate के रूप में उपयोग की जाती है।
तलाक के बाद Divorce Certificate कैसे डाउनलोड करें?
भारत में अधिकांश मामलों में Divorce Certificate सीधे ऑनलाइन जारी नहीं होता, लेकिन कई राज्यों में अदालत के आदेश की कॉपी ऑनलाइन ट्रैक या डाउनलोड की जा सकती है।
- ऑनलाइन प्रक्रिया (यदि उपलब्ध हो)
- संबंधित राज्य की जिला न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
- केस नंबर या पार्टी का नाम दर्ज करें
- आदेश (Judgment/Order) सेक्शन में जाएं
- उपलब्ध होने पर आदेश की कॉपी डाउनलोड करें
यदि ऑनलाइन डाउनलोड की सुविधा उपलब्ध न हो, तो आपको संबंधित Family Court में जाकर प्रमाणित प्रति के लिए आवेदन करना होगा।
Divorce Decree और Divorce Certificate में क्या अंतर है?
| बिंदु | Divorce Decree | Divorce Certificate |
| जारी करने वाला | Family Court | कोर्ट/प्राधिकरण |
| स्वरूप | न्यायालय का विस्तृत आदेश | संक्षिप्त प्रमाण दस्तावेज |
| उपयोग | कानूनी प्रमाण | सरकारी/व्यक्तिगत कार्यों में प्रमाण |
| विवरण | केस की पूरी जानकारी | तलाक की पुष्टि |
Divorce Decree अदालत का आधिकारिक निर्णय होता है।
- Divorce Certificate उस निर्णय का प्रमाण पत्र या प्रमाणित प्रति होती है।
- भारत में अधिकतर मामलों में Divorce Decree की प्रमाणित प्रति ही Divorce Certificate के रूप में मान्य होती है।
Divorce Certificate क्यों जरूरी है?
- पुनर्विवाह के लिए
- पासपोर्ट और वीज़ा आवेदन
- बैंक या संपत्ति मामलों में
- सरकारी दस्तावेज अपडेट करने के लिए
- आवश्यक दस्तावेज
- केस नंबर
- पहचान प्रमाण
- अदालत का आदेश
- आवेदन फॉर्म
- निर्धारित शुल्क
निष्कर्ष
Divorce Certificate प्राप्त करने के लिए पहले अदालत से Divorce Decree जारी होना आवश्यक है। इसके बाद आप प्रमाणित प्रति लेकर इसे कानूनी और सरकारी कार्यों में उपयोग कर सकते हैं। कुछ राज्यों में आदेश की कॉपी ऑनलाइन उपलब्ध हो सकती है, लेकिन प्रमाणित प्रति के लिए अदालत से संपर्क करना सबसे सुरक्षित तरीका है।
FAQ Section
Q1. Divorce Certificate और Divorce Decree क्या एक ही होते हैं?
नहीं। Divorce Decree अदालत का विस्तृत आदेश होता है, जबकि Divorce Certificate आमतौर पर उसी आदेश की प्रमाणित प्रति होती है, जिसे प्रमाण के रूप में उपयोग किया जाता है।
Q2. Divorce Certificate प्राप्त करने में कितना समय लगता है?
तलाक का अंतिम आदेश जारी होने के बाद, प्रमाणित प्रति प्राप्त करने में आमतौर पर कुछ दिन से कुछ सप्ताह तक का समय लग सकता है, यह संबंधित न्यायालय पर निर्भर करता है।
Q3. क्या Divorce Certificate ऑनलाइन डाउनलोड किया जा सकता है?
कुछ राज्यों में अदालत के आदेश की कॉपी ऑनलाइन उपलब्ध हो सकती है। लेकिन प्रमाणित प्रति के लिए अक्सर कोर्ट में आवेदन करना आवश्यक होता है।
Q4. Divorce Certificate के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
केस नंबर, पहचान प्रमाण, आवेदन पत्र और निर्धारित शुल्क आवश्यक होते हैं।
Q5. क्या Divorce Certificate के बिना पुनर्विवाह किया जा सकता है?
नहीं। पुनर्विवाह से पहले तलाक का कानूनी प्रमाण (Divorce Decree/Certificate) होना अनिवार्य है।
Q6. Mutual Divorce के बाद Certificate कैसे प्राप्त करें?
आपसी सहमति से तलाक मंजूर होने के बाद अदालत से Divorce Decree की प्रमाणित प्रति प्राप्त करनी होती है, जो प्रमाण के रूप में मान्य होती है।










