विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक सहायता, टूलकिट और प्रशिक्षण प्रदान करना है। इस योजना के माध्यम से राज्य के श्रमिक वर्ग को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में कौन आवेदन कर सकता है, पात्रता क्या है और किन लोगों को इस योजना का लाभ मिलता है।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना क्या है?
यह योजना मुख्य रूप से उन कारीगरों के लिए है, जो परंपरागत रूप से किसी हुनर या पेशे से जुड़े हुए हैं और अपनी आजीविका उसी के माध्यम से चलाते हैं। सरकार इस योजना के तहत प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण (Tool Kit) और वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लिए पात्रता (Eligibility)
इस योजना में आवेदन करने के लिए आवेदक को निम्न शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:
आवेदक उत्तर प्रदेश का निवासी हो
- विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का लाभ केवल उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासियों को ही दिया जाता है।
आवेदक कारीगर या शिल्पकार होना चाहिए
आवेदक किसी न किसी पारंपरिक पेशे या हुनर से जुड़ा होना चाहिए, जैसे:
- बढ़ई
- लोहार
- सुनार
- कुम्हार
- दर्जी
- मोची
- नाई
- बुनकर
- राजमिस्त्री
- मूर्तिकार
- हथकरघा / हस्तशिल्प से जुड़े कारीगर
आयु सीमा
- आवेदक की न्यूनतम आयु सामान्यतः 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। अधिकतम आयु सीमा सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार तय की जाती है।
परिवार का एक ही सदस्य आवेदन कर सकता है
- इस योजना के अंतर्गत एक परिवार से केवल एक व्यक्ति को ही लाभ दिया जाता है।
आय संबंधी शर्त
- आवेदक की पारिवारिक आय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए। आय प्रमाण पत्र आवश्यक होता है।
पहले लाभ न लिया हो
- जिस आवेदक ने पहले से ही विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का लाभ लिया है, वह दोबारा आवेदन नहीं कर सकता।
किन लोगों को इस योजना में प्राथमिकता मिलती है?
- आर्थिक रूप से कमजोर कारीगर
- ग्रामीण क्षेत्रों के श्रमिक
- परंपरागत कार्य करने वाले परिवार
- स्वरोजगार शुरू करने के इच्छुक लोग
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- पहचान पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- कारीगरी से संबंधित प्रमाण / स्वघोषणा
- बैंक पासबुक
- पासपोर्ट साइज फोटो
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लिए आवेदन कैसे किया जा सकता है?
आवेदक ऑनलाइन पोर्टल https://pmvishwakarma.gov.in/ के माध्यम से स्वयं आवेदन कर सकता है या नजदीकी Common Service Center (CSC) से आवेदन करवा सकता है।
निष्कर्ष
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना उन कारीगरों और श्रमिकों के लिए एक बेहतरीन अवसर है, जो अपने पारंपरिक हुनर के माध्यम से आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं। यदि आप उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और किसी कारीगरी या श्रम आधारित कार्य से जुड़े हैं, तो आप इस योजना में आवेदन करने के पात्र हो सकते हैं।
FAQ – विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना
Q1. विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना क्या है?
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है, जिसके अंतर्गत पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को प्रशिक्षण, टूलकिट और आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
Q2. विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में कौन आवेदन कर सकता है?
उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी कोई भी पारंपरिक कारीगर या श्रिल्पकार जैसे बढ़ई, लोहार, दर्जी, कुम्हार, सुनार, नाई, मोची, बुनकर आदि इस योजना में आवेदन कर सकता है।
Q3. इस योजना में आवेदन करने की न्यूनतम आयु क्या है?
आवेदन करने के लिए आवेदक की न्यूनतम आयु सामान्यतः 18 वर्ष होनी चाहिए।
Q4. क्या एक परिवार से एक से अधिक व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं?
नहीं, इस योजना के अंतर्गत एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति आवेदन कर सकता है।
Q5. विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत क्या लाभ मिलते हैं?
इस योजना में चयनित आवेदकों को निःशुल्क प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट और निर्धारित आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
Q6. क्या इस योजना का लाभ दोबारा लिया जा सकता है?
नहीं, जो व्यक्ति पहले इस योजना का लाभ ले चुका है, वह दोबारा आवेदन नहीं कर सकता।
Q7. आवेदन करने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, बैंक पासबुक और कारीगरी से संबंधित प्रमाण आवश्यक होते हैं।
Q8. विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का आवेदन कैसे किया जाता है?
आवेदन ऑनलाइन आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से या नजदीकी Common Service Center (CSC) से किया जा सकता है।
Q9. आवेदन के बाद चयन प्रक्रिया कैसे होती है?
आवेदन की जांच संबंधित विभाग द्वारा की जाती है। पात्र पाए जाने पर आवेदक को प्रशिक्षण और टूलकिट के लिए चयनित किया जाता है।
Q10. क्या ग्रामीण कारीगर भी इस योजना के लिए पात्र हैं?
हाँ, यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर कारीगरों को लाभ देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।










